Home Video बचपन में अंडे-दूध बेचकर गुजारा किया: वीरेंद्र सक्सेना ने 18 की उम्र में घर छोड़ा, 5 दिन भूखे रहे तो अस्पताल में भर्ती करना पड़ा

बचपन में अंडे-दूध बेचकर गुजारा किया: वीरेंद्र सक्सेना ने 18 की उम्र में घर छोड़ा, 5 दिन भूखे रहे तो अस्पताल में भर्ती करना पड़ा

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बचपन में अंडे-दूध बेचकर गुजारा किया: वीरेंद्र सक्सेना ने 18 की उम्र में घर छोड़ा, 5 दिन भूखे रहे तो अस्पताल में भर्ती करना पड़ा

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19 मिनट पहलेलेखक: उमेश कुमार उपाध्याय / अरुणिमा शुक्ला

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आज की स्ट्रगल स्टोरी में कहानी वीरेंद्र सक्सेना की। वीरेंद्र को सरकार, सुपर 30 और दिल है कि मानता नहीं जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। हालांकि उन्हें बड़ा ब्रेक महेश भट्ट की फिल्म आशिकी से मिला था। 80 फिल्मों का हिस्सा रहे वीरेंद्र सक्सेना का यहां तक का सफर संघर्षों से भरा रहा।

पिता के गुजर जाने के बाद तंगी से परेशान वीरेंद्र ने कम उम्र में ही छोटे-मोटे काम करने शुरू कर दिए थे। उन्होंने कभी बच्चों को ट्यूशन पढ़ा कर तो कभी राजा के यहां चिट्ठियां लिख कर घर का खर्च चलाया।

एक मामूली नाटक से शुरू हुआ एक्टिंग का सफर उन्हें NSD तक ले

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